Image - 2026-09-18 02:51
एक पल रुकिए, मैं सोचता हूँ। रामू एक गरीब किसान था। उसकी बिटिया गुड़िया की शादी थी। घर छोटा था, पैसे कम थे, पर दिल बहुत बड़ा। उसने खेत का एक टुकड़ा बेचकर शादी का इंतज़ाम किया। जब विदाई का वक्त आया, गुड़िया उससे लिपटकर रो पड़ी। रामू की आँखें भी नम थीं। उसने कहा, "बेटा, मेरे पास दौलत तो कम है, पर मेरा प्यार हमेशा तुम्हारे साथ है।" गुड़िया मुस्कुराई और बोली, "पिताजी, आपके प्यार से बढ़कर मेरे लिए कोई दौलत नहीं।" उस पल रामू को लगा कि गरीबी मायने नहीं रखती, क्योंकि सबसे अमीर वही है जिसके पास अपनेपन का प्यार हो। और उसकी आँखों में आँसू थे, पर दिल में सुकून।
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